Kuldeep Tiwari

Kuldeep Tiwari

Yet to see

देखना है – Yet To See

दोस्तों, मैं एक बार फिरसे हाजिर हूँ अपनी कलम के साथ। कृपया मेरी नई शायरी का आनंद लें जिसका शीर्षक मैंने रखा है “देखना है - Yet To See”। क्योंकि अभी तो और भी देखना है।

Thorn wound 1

दंश (The Wound)

मेरी इस कविता "दंश (The Wound)" की शैली जापानी लघु कविताओं की शैली "हाइकू" से प्रेरित है।
Style of this poem of mine "दंश (The Wound)", is inspired by a style of Japanese short poems known as "Haiku".

हे कृष्ण! (He Krishn!)

हे कृष्ण (He Krishn)

हे कृष्ण (He Krishn). This poem of mine is dedicated to god Krishn. मेरी यह कविता भगवान कृष्ण को समर्पित है। जय श्री कृष्ण।

हौसला (Morale)

हौसला (Morale)

Friends, I am here once again with my Original Pen. Please enjoy my new Shayri (Poetry) which I have titled as “हौसला (Morale)”. Please let me know if its lines (Sher) stir the heart. दोस्तों, मैं एक बार फिरसे हाजिर…

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